जेठन सिंह खरवार पलामू क्षेत्र के शुरुआती और प्रमुख जनप्रतिनिधियों में शामिल थे। वे आज़ादी के बाद हुए पहले चुनाव (1951-52) में पलामू से चर्चित नेता सांसद बने और स्थानीय समाज, वनवासियों तथा वंचित वर्गों की आवाज़ को राजनीति में मजबूती से उठाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी सादगी, जनसेवा और ईमानदार छवि के कारण उन्हें पलामू का पहला जननेता भी कहा जाता है।