सभ्यता

सभ्यता मानव विकास की वह उन्नत अवस्था है जिसमें समाज व्यवस्थित, योजनाबद्ध और प्रगतिशील रूप से विकसित होता है। जब मनुष्य घुमंतू जीवन छोड़कर स्थायी रूप से बसने लगा, खेती करने लगा, पशुपालन आरंभ किया और छोटे-छोटे ग्रामों को आगे चलकर नगरों तथा शहरों के रूप में विकसित किया, तभी सभ्यता का उदय हुआ।

सभ्यता
भारत के धौलावीर से प्राप्त सिंधु-घाटी-सभ्यता के दस लिपि-चिह्न

सभ्यता में मानव जीवन के सभी पहलू—जैसे सामाजिक संगठन, आर्थिक गतिविधियाँ, राजनीतिक व्यवस्था, धार्मिक संस्थाएँ, कला, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और लेखन प्रणाली—एक संगठित रूप में दिखाई देते हैं। सभ्य समाज में कानून, प्रशासन, व्यापार और शहरी जीवन की स्पष्ट व्यवस्था होती है। विश्व की अनेक प्राचीन सभ्यताएँ जैसे—सिंधु घाटी सभ्यता, मेसोपोटामिया, मिस्र और चीनी सभ्यता—सभ्यता के विकास की उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती हैं। इन सभ्यताओं ने मानव ज्ञान, तकनीक और संस्कृति को नई दिशा दी। इस प्रकार सभ्यता वह प्रक्रिया है जिसमें मानव समाज असंगठित अवस्था से संगठित और प्रगतिशील अवस्था की ओर अग्रसर होता है।

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