रांची

रांची जिला झारखंड राज्य का एक प्रमुख प्रशासनिक जिला है और रांची शहर राज्य की राजधानी भी है। रांची को “झरनों की नगरी” तथा “छोटानागपुर की रानी” कहा जाता है। प्राकृतिक सौंदर्य, आदिवासी संस्कृति, शिक्षा संस्थानों और खनिज संपदा के कारण यह झारखंड के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में से एक है।

इतिहास

रांची जिला छोटानागपुर के इतिहास से जुड़ा है, जहाँ मुंडा, उरांव और अन्य आदिवासी समुदाय सदियों से निवास कर रहे हैं। ब्रिटिश शासन के समय यह क्षेत्र छोटानागपुर कमिश्नरी का मुख्यालय बना। 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के गठन के बाद रांची राज्य की राजधानी घोषित हुई।

भूगोल

रांची जिला छोटानागपुर पठार पर स्थित है जिसकी औसत ऊँचाई लगभग 651 मीटर है। यहाँ का भूभाग सदाबहार जंगलों, जलप्रपातों और खनिज संसाधनों से समृद्ध है। प्रमुख नदियाँ—स्वर्णरेखा, हरमू नदी और सुभर्णरेखा की सहायक नदियाँ हैं।

प्रशासनिक विभाजन

रांची जिला कई प्रखंडों में विभाजित है:

रांची सदर, बुंडू, तमाड़, सोनाहातु, ओरमांझी, सिल्ली, नामकुम, अंगरा, रातू, खतियानी क्षेत्रों वाले अन्य प्रखंड

अर्थव्यवस्था

जिले की अर्थव्यवस्था उद्योग, शिक्षा, कृषि और खनन पर आधारित है।प्रमुख उद्योग: लोहे-स्टील आधारित इकाइयाँ, सिमेंट, मशीन निर्माणकृषि: धान, मक्का, गेहूँ, दालेंसेवाएँ: आईटी, बैंकिंग, शिक्षा और पर्यटन

जनसंख्या

नवीनतम अनुमान के अनुसार रांची जिला झारखंड का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला है।जनसंख्या: ~30 लाख+प्रमुख समुदाय: मुंडा, उरांव, संथाल, गैर-आदिवासी जनसमुदायप्रमुख भाषाएँ: हिंदी, नागपुरी, कुरुख, मुंडारी

शिक्षा

रांची झारखंड का प्रमुख शिक्षण केंद्र है।

यहाँ कई उच्चस्तरीय संस्थान स्थित हैं:

  • बिरसा कृषि विश्वविद्यालय
  • भारतीय प्रबंधन संस्थान, रांची (IIM Ranchi)
  • रांची विश्वविद्यालय
  • सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज
  • BIT मेसरा (समिप)

पर्यटन

रांची जिला अपने जलप्रपातों और प्राकृतिक नजारों के लिए प्रसिद्ध है। मुख्य पर्यटन स्थल: दसम फॉल, हंडरू फॉल, जोन्हा फॉल, रॉक गार्डन, तागोर हिल, पतरातू घाटी, बिरसा जैविक उद्यान

परिवहन

रांची में सुदृढ़ सड़क, रेल और हवाई परिवहन उपलब्ध है।

  • हवाई अड्डा: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट,
  • रेलवे स्टेशन: रांची जंक्शन, हटिया स्टेशन
  • सड़क मार्ग: NH-33, NH-75

संस्कृति

यहाँ की संस्कृति आदिवासी परंपराओं, नृत्यों और त्योहारों से समृद्ध है।

  • प्रमुख नृत्य: झूमर, छऊ, संथाली नृत्यप्रमुख
  • त्योहार: करम, सरहुल, दिवाली, छठ

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