ईसा मसीह (Jesus Christ) ईसाई धर्म के महान धार्मिक गुरु, उपदेशक और संस्थापक माने जाते हैं। ईसाई धर्मावलंबी उन्हें ईश्वर का पुत्र और मानवता का उद्धारक (मसीहा) मानते हैं।
ईसा मसीह का जीवन प्रेम, करुणा, क्षमा और सत्य पर आधारित था।

- जन्म: लगभग 4 ईसा पूर्व
- जन्म स्थान: बैथलहम (वर्तमान इज़राइल)
- माता: मरियम (Mary)
- पालक पिता: यूसुफ (Joseph)
- भाषा: अरामाइक
- धर्म: यहूदी परंपरा में जन्म
ईसा मसीह का इतिहास
ईसा मसीह का इतिहास पहली शताब्दी ईस्वी का है, जब यहूदिया क्षेत्र रोमन साम्राज्य के अधीन था।
- यहूदियों को एक मसीहा की प्रतीक्षा थी
- ईसा ने स्वयं को ईश्वर का दूत बताया
- उनके उपदेश समाज की रूढ़ियों के विरुद्ध थे
- रोमन शासक और यहूदी धर्मगुरु उनसे असंतुष्ट हो गए
- उन्हें क्रूस पर चढ़ाकर मृत्यु दंड दिया गया (लगभग 30–33 ईस्वी)
ईसाई मान्यता के अनुसार:
- ईसा मसीह तीसरे दिन पुनर्जीवित (Resurrection) हुए
- यही घटना ईसाई धर्म की आधारशिला बनी
ईसा मसीह की शिक्षाएं
ईसा मसीह की शिक्षाएं नैतिकता और मानवता पर आधारित थीं:
- प्रेम और करुणा – सभी मनुष्यों से प्रेम करो
- क्षमा – शत्रुओं को भी क्षमा करो
- अहिंसा – बुराई का उत्तर बुराई से न दो
- समानता – सभी मनुष्य ईश्वर की संतान हैं
- सेवा – गरीबों और दुखियों की सेवा करो
- नम्रता – अहंकार से दूर रहो
उनका प्रसिद्ध कथन:
“जो तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, वही तुम दूसरों के साथ करो।”
ईसाई धर्म के संस्थापक
- ईसा मसीह ईसाई धर्म के संस्थापक माने जाते हैं
- उनके जीवन और शिक्षाओं पर आधारित धर्म को Christianity कहा जाता है
- ईसाई धर्म आज विश्व का सबसे बड़ा धर्म है
- ईसा के शिष्यों (Apostles) ने उनके उपदेशों का प्रचार किया
- संत पॉल (Saint Paul) ने ईसाई धर्म के विस्तार में प्रमुख भूमिका निभाई
बाइबिल में ईसा मसीह
बाइबिल (Bible) ईसाई धर्म का पवित्र ग्रंथ है, जिसमें दो भाग हैं:
पुराना नियम (Old Testament)
- ईसा से पहले की घटनाएँ
- मसीहा के आगमन की भविष्यवाणी
नया नियम (New Testament)
- ईसा मसीह का जीवन, उपदेश और बलिदान
- चार प्रमुख सुसमाचार (Gospels):
- मैथ्यू (Matthew)
- मार्क (Mark)
- ल्यूक (Luke)
- जॉन (John)
ईसा मसीह का जन्म
- ईसा मसीह का जन्म बैथलहम में हुआ
- माता मरियम को दैवी संदेश मिला था
- जन्म एक गोशाला में हुआ
- चरवाहों और तीन ज्ञानी पुरुषों (Wise Men) ने दर्शन किए
- ईसा का जन्मदिन 25 दिसंबर को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है
ईसा मसीह का उपदेश
ईसा मसीह अपने उपदेश कहानियों (Parables) के माध्यम से देते थे:
प्रमुख उपदेश:
- पर्वत उपदेश (Sermon on the Mount)
- दया, नम्रता और सत्य का संदेश
- ईश्वर के राज्य की अवधारणा
प्रसिद्ध कथन:
- “धन्य हैं वे जो दयालु हैं।”
- “ईश्वर का राज्य तुम्हारे भीतर है।”