1. इतिहास क्या है?
इतिहास वह विद्या है जिसमें मानव सभ्यता, समाज, घटनाएँ, युद्ध, राजाओं के शासन, संस्कृति, आर्थिक-सामाजिक परिवर्तन और समय के साथ मनुष्य के विकास का अध्ययन किया जाता है।
सरल शब्दों में— इतिहास मानव के अतीत का वैज्ञानिक और व्यवस्थित अध्ययन है।
इतिहास हमें बताता है कि मानव समाज कैसे बना, कैसे बदला और किन कारणों से आज की दुनिया इस रूप में विकसित हुई।

2. इतिहास किसे कहते हैं?
इतिहास शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है—
- ‘इति’ (अर्थात् “ऐसा ही”)
- ‘हास‘ (अर्थात् “हुआ था”)
अर्थात् इतिहास वह है जिसमें बीते समय की सच्ची घटनाओं को प्रमाणों के आधार पर समझाया जाता है।
इसलिए:
जिसमें अतीत की घटनाओं का सत्य, प्रमाणिक और क्रमबद्ध वर्णन मिलता है, उसे इतिहास कहते हैं।
3. इतिहास के पिता किसे कहा जाता है?
हेरोडोटस (Herodotus) को इतिहास का पिता कहा जाता है।
वे प्राचीन यूनान (ग्रीस) के लेखक और शोधकर्ता थे। उन्होंने ‘Histories’ नामक ग्रंथ लिखा, जिसमें उन्होंने विभिन्न सभ्यताओं, युद्धों और सामाजिक जीवन का वर्णन प्रमाणों के आधार पर किया।
इसलिए उन्हें
“Father of History” (इतिहास का जनक) कहा जाता है।
4. इतिहास कितने प्रकार के होते हैं?
इतिहास को विषय-वस्तु, अध्ययन पद्धति और उद्देश्य के आधार पर कई प्रकारों में बांटा गया है। प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं—
(1) राजनीतिक इतिहास (Political History)
राजाओं, युद्धों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और साम्राज्यों का इतिहास।
(2) सामाजिक इतिहास (Social History)
समाज, रीति-रिवाज, जाति-व्यवस्था, परिवार, विवाह, उत्सव, रहन-सहन आदि का अध्ययन।
(3) आर्थिक इतिहास (Economic History)
उत्पादन, व्यापार, कृषि, उद्योग, मुद्रा, बाजार और अर्थव्यवस्था का विकास।
(4) सांस्कृतिक इतिहास (Cultural History)
कला, साहित्य, धर्म, भाषा, संगीत, वास्तुकला, शिक्षा आदि का वर्णन।
(5) वैज्ञानिक एवं तकनीकी इतिहास
विज्ञान, खोजों, आविष्कारों और तकनीकी प्रगति का अध्ययन।
(6) पर्यावरणीय या भौगोलिक इतिहास
मनुष्य और पर्यावरण के संबंधों का अध्ययन।
(7) क्षेत्रीय इतिहास (Regional History)
किसी विशेष राज्य, क्षेत्र या जिले का इतिहास (जैसे— झारखंड का इतिहास)।
5. इतिहास जानने के स्रोत (Sources of History)
इतिहास को लिखने और जानने के लिए कई प्रकार के स्रोत होते हैं। इन्हें दो श्रेणियों में बांटा जाता है—
(A) प्राथमिक स्रोत (Primary Sources)
जो प्रत्यक्ष रूप से उस समय अवधि से संबंधित हों—
- शिलालेख (Inscriptions)
- सिक्के (Coins)
- पुरालेख (Manuscripts)
- भवन, मंदिर, मूर्तियाँ
- अस्त्र-शस्त्र
- खुदाई में मिली वस्तुएँ (Archaeology)
- ताम्रपत्र, मुहरें
- समकालीन यात्रियों के वृत्तांत
ये स्रोत उस समय का सीधा प्रमाण देते हैं।
(B) द्वितीयक स्रोत (Secondary Sources)
घटनाओं की व्याख्या या पुनर्लेखन—
- इतिहास की पुस्तकें
- शोध ग्रंथ
- लेख और निबंध
- मौखिक परंपराएँ (लोककथाएँ, लोकगीत)
- अभिलेखागार (Archives)
- पुरातत्व रिपोर्ट