राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RPCAU), पूसा, बिहार को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीयता और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान विश्वविद्यालय की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व को समान महत्व दिया जाता है।
पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाएँ
यह राष्ट्रीय सम्मान निम्न संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से प्रदान किया गया:
Veterans India
AICTE (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद)
NBA (राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड)
AIU (भारतीय विश्वविद्यालय संघ)
नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में RPCAU को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
चयन प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद पूरी की गई।
कुलपति प्रो. पी. एस. पांडेय की भूमिका
यह सम्मान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी. एस. पांडेय को उनके दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावशाली पहलों के लिए दिया गया।
चयन समिति में शामिल थे:
वरिष्ठ सैन्य अधिकारी
अनुभवी शिक्षाविद
प्रशासनिक विशेषज्ञ
समिति ने छात्रों में राष्ट्रीय मूल्यों के विकास हेतु अपनाई गई सुनियोजित रणनीति की विशेष सराहना की।
विश्वविद्यालय का दृष्टि-आधारित प्रशासनिक मॉडल शिक्षा और व्यक्तित्व विकास को एक साथ जोड़ने में सफल रहा।
“दीक्षारंभ” कार्यक्रम की विशेष भूमिका
इस राष्ट्रीय सम्मान का प्रमुख आधार बना “दीक्षारंभ” कार्यक्रम, जिसकी शुरुआत कुलपति के मार्गदर्शन में की गई।
इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य हैं:
छात्रों में देशभक्ति और अनुशासन का विकास
राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना
व्यक्तित्व और नैतिक विकास पर ध्यान
यह पहल अब अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुकी है।
RPCAU को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय एकता से जोड़ने के लिए भी प्रशंसा मिली।
खबर से जुड़े महत्वपूर्ण GK तथ्य
RPCAU का मुख्यालय: पूसा, बिहार
पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाएँ: Veterans India, AICTE, NBA और AIU
“दीक्षारंभ” कार्यक्रम का फोकस:
देशभक्ति
अनुशासन
व्यक्तित्व विकास
पुरस्कार समारोह में NAAC और NBA के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डिजिटल कृषि और राष्ट्रीय प्रभाव
मूल्य-आधारित शिक्षा के साथ-साथ RPCAU को डिजिटल कृषि पहलों के सफल क्रियान्वयन के लिए भी सराहा गया।
इन प्रयासों के प्रमुख परिणाम:
बिहार सहित अन्य राज्यों में कृषि तकनीकों में सुधार
किसानों की आय बढ़ाने में सहायता
तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा
RPCAU ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
आज RPCAU एक ऐसा संस्थान बनकर उभरा है, जहाँ शिक्षा, नवाचार और राष्ट्र सेवा का प्रभावी समन्वय देखने को मिलता है।