Skip to content
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया गया।
- इस सम्मान के साथ वे इसे प्राप्त करने वाले पहले वैश्विक राष्ट्राध्यक्ष बन गए हैं।
- यह उपलब्धि भारत और अफ्रीका के बीच मजबूत होते रणनीतिक व कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाती है।
अदिस अबाबा में सम्मान समारोह
- यह सम्मान इथियोपिया की राजधानी अदिस अबाबा स्थित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विशेष समारोह में दिया गया।
- इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबीय अहमद अली ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान प्रदान किया।
- यह पुरस्कार भारत-इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने में मोदी के योगदान को मान्यता देता है।
- भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मान अफ्रीका महाद्वीप में भारत की बढ़ती सहभागिता को दर्शाता है।
भारत-इथियोपिया सहयोग की सराहना
- इथियोपियाई प्रशासन के अनुसार, यह सम्मान राजनीतिक, आर्थिक और जन-स्तरीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है।
- दोनों देशों के संबंध शिक्षा, विकास सहयोग और क्षमतावर्धन पर आधारित रहे हैं।
- भारतीय शिक्षक और शिक्षाविद पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से इथियोपिया के राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का वक्तव्य
- प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया।
- उन्होंने इसे विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक से प्राप्त गौरवपूर्ण सम्मान बताया।
- पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री अबीय अहमद के राष्ट्रीय एकता, सतत विकास और समावेशी प्रगति के प्रयासों की प्रशंसा की।
खबर से जुड़े महत्वपूर्ण जीके तथ्य
- इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान: The Great Honour Nishan of Ethiopia
- पीएम मोदी: इसे पाने वाले पहले वैश्विक शासन प्रमुख
- सम्मान स्थल: अदिस अबाबा, इथियोपिया
- यह सम्मान भारत-इथियोपिया सहयोग और ग्लोबल साउथ की साझेदारी को दर्शाता है
ग्लोबल साउथ के संदर्भ में महत्त्व
- यह सम्मान अफ्रीका और ग्लोबल साउथ में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है।
- भारत को एक भरोसेमंद विकास भागीदार के रूप में प्रस्तुत करता है।
- शिक्षा, सतत विकास और मानव संसाधन निर्माण में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- यह भारत और इथियोपिया के लोगों के बीच दीर्घकालिक मित्रता और साझा दृष्टिकोण का प्रतीक है।