प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान

अदिस अबाबा में सम्मान समारोह भारत-इथियोपिया सहयोग की सराहना प्रधानमंत्री मोदी का वक्तव्य खबर से जुड़े महत्वपूर्ण जीके तथ्य ग्लोबल साउथ के संदर्भ में महत्त्व

RPCAU पूसा को राष्ट्रीय सम्मान: राष्ट्र निर्माण, देशभक्ति और छात्र विकास में उत्कृष्ट योगदान

पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाएँ कुलपति प्रो. पी. एस. पांडेय की भूमिका “दीक्षारंभ” कार्यक्रम की विशेष भूमिका खबर से जुड़े महत्वपूर्ण GK तथ्य डिजिटल कृषि और राष्ट्रीय प्रभाव

कनाडा का नया नागरिकता कानून 2025: बिल C-3 के महत्वपूर्ण बिंदु

कनाडा नागरिकता कानून में बदलाव: बिल C-3 बिल C-3 के मुख्य प्रावधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी भविष्य के लिए नए नियम परीक्षा/जीके के लिए महत्वपूर्ण तथ्य आगे क्या करना होगा

बिरसा मुंडा का उलगुलान आंदोलन | birsa munda andolan in hindi

बिरसा मुंडा का उलगुलान आंदोलन | Birsa Munda Ulgulan Movement in Hindi

बिरसा मुंडा का उलगुलान आंदोलन (1899–1900) झारखंड के इतिहास में आदिवासी चेतना, सामाजिक सुधार और औपनिवेशिक प्रतिरोध का सबसे सशक्त प्रतीक माना जाता है। यह आंदोलन मुंडा जनजाति के नेतृत्व में ब्रिटिश शासन, जमींदारी व्यवस्था और ईसाई मिशनरियों के हस्तक्षेप के विरुद्ध हुआ। उलगुलान का अर्थ है – महान विद्रोह। बिरसा मुंडा का संक्षिप्त परिचय … Read more

ब्रिटिश काल में झारखंड

ब्रिटिश काल में झारखंड

ब्रिटिश काल में झारखंड का इतिहास शोषण, प्रतिरोध और जनजातीय चेतना के विकास का इतिहास है। ईस्ट इंडिया कंपनी और बाद में ब्रिटिश सरकार ने झारखंड क्षेत्र को अपने प्रशासनिक नियंत्रण में लेकर भूमि व्यवस्था, राजस्व नीति और कानूनों के माध्यम से यहाँ के आदिवासी समाज को प्रभावित किया। इस काल में झारखंड में अनेक … Read more

खरवार का इतिहास, उत्पत्ति, संस्कृति और परंपरा

kharwar

भारत की जनजातीय और जातीय विविधता में, खरवार समुदाय का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और विशिष्ट है। यह समुदाय इतिहास, संस्कृति, उत्पत्ति और परंपरा की दृष्टि से समृद्ध, प्राचीन और बहुआयामी पहचान रखता है।झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के पर्वतीय, वनों से घिरे और पठारी क्षेत्रों में मूल रूप से बसे इस समुदाय ने सदियों के संघर्ष, … Read more

झारखंड का मध्यकालीन इतिहास

झारखंड का मध्यकालीन इतिहास लगभग 7वीं शताब्दी से 18वीं शताब्दी तक फैला हुआ माना जाता है। इस काल में झारखंड क्षेत्र छोटे-छोटे जनजातीय राज्यों, स्थानीय राजवंशों और बाहरी शक्तियों के प्रभाव के बीच रहा। यद्यपि यहाँ बड़े साम्राज्यों का प्रत्यक्ष और स्थायी नियंत्रण सीमित रहा, फिर भी राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों की महत्वपूर्ण प्रक्रिया … Read more

झारखंड का प्राचीन इतिहास | Ancient History of Jharkhand in Hindi

Ancient History of Jharkhand

झारखंड का प्राचीन इतिहास भारत की आदिम सभ्यता, जनजातीय संस्कृति और प्रारंभिक मानव विकास से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह क्षेत्र छोटानागपुर पठार का भाग रहा है, जहाँ प्राचीन काल से ही मानव निवास, कृषि, शिकार और सामुदायिक जीवन के प्रमाण मिलते हैं। झारखंड का प्राचीन इतिहास केवल राजाओं और युद्धों का विवरण नहीं … Read more

झारखंड के स्वतंत्रता सेनानी | Freedom Fighters of Jharkhand in Hindi

झारखंड के स्वतंत्रता सेनानी

झारखंड की धरती ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को अनेक वीर स्वतंत्रता सेनानी दिए, जिन्होंने ब्रिटिश शासन, जमींदारी व्यवस्था और सामाजिक शोषण के विरुद्ध संघर्ष किया। यहाँ के आदिवासी, किसान और स्थानीय नेता स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूत कड़ी रहे। झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान केवल 1857 तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उलगुलान, किसान आंदोलनों और … Read more

1857 की क्रांति में झारखंड की भूमिका

1857 की क्रांति में झारखंड की भूमिका

1857 की क्रांति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम व्यापक जनांदोलन मानी जाती है। इस क्रांति में झारखंड (तत्कालीन छोटानागपुर व पलामू क्षेत्र) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। यहाँ के किसानों, आदिवासियों और स्थानीय नेताओं ने ब्रिटिश शासन, जमींदारी व्यवस्था और प्रशासनिक अत्याचारों के विरुद्ध संगठित प्रतिरोध किया। झारखंड की भागीदारी ने 1857 की क्रांति को … Read more