झारखंड में PESA कानून : आदिवासी अधिकार, प्रभाव और कार्यान्वयन की पूरी जानकारी

झारखंड पेसा कानून

झारखंड में PESA कानून झारखंड में PESA (Panchayats (Extension to Scheduled Areas) Act), जिसे हिंदी में पंचायती राज का विस्तार अनुसूचित क्षेत्रों तक अधिनियम कहा जाता है, देश के उन हिस्सों में आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक — आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया। यह कानून विशेषकर … Read more

झारखंड उच्च न्यायालय: स्थापना, इतिहास, अधिकार क्षेत्र और महत्वपूर्ण तथ्य

झारखंड उच्च न्यायालय

झारखंड उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है, जो झारखंड राज्य में न्याय प्रदान करने का प्रमुख केंद्र है। इसकी स्थापना 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के गठन के साथ ही की गई थी। इससे पहले झारखंड क्षेत्र बिहार उच्च न्यायालय के अंतर्गत आता था। झारखंड उच्च न्यायालय का मुख्यालय रांची में स्थित … Read more

झारखंड के राज्यपाल की शक्तियाँ : नियुक्ति, विधायी, कार्यकारी एवं आपातकालीन अधिकार

झारखंड के राज्यपाल की शक्तियाँ

झारखंड राज्य का संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल होता है, जिसकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राज्यपाल का पद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 से 162 के अंतर्गत वर्णित है। झारखंड के राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करते हैं तथा संविधान के संरक्षक के रूप … Read more

झारखंड विधानसभा : संरचना और कार्य | Jharkhand Vidhan Sabha पूरी जानकारी

झारखंड विधानसभा

झारखंड विधानसभा राज्य की सर्वोच्च विधायी संस्था है, जो राज्य में कानून निर्माण, प्रशासन पर नियंत्रण तथा जनता के हितों की रक्षा का कार्य करती है। झारखंड का गठन 15 नवंबर 2000 को हुआ था और इसके साथ ही झारखंड विधानसभा का गठन भी हुआ। यह विधानसभा झारखंड विधानमंडल का निचला सदन है, जबकि राज्य … Read more

भारत के प्रमुख आदिवासी विद्रोहों की सूची: इतिहास, कारण और प्रभाव

आदिवासी विद्रोहों की सूची

भारत का इतिहास केवल राजाओं और साम्राज्यों का ही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के संघर्षों और बलिदानों से भी भरा हुआ है। ब्रिटिश शासन के दौरान जब अंग्रेजों ने जंगलों, जमीन और परंपरागत अधिकारों पर नियंत्रण करना शुरू किया, तब देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासियों ने संगठित होकर विद्रोह किए। इन विद्रोहों का मुख्य … Read more

जानिए 25 दिसंबर को कहां-कहां स्कूल रहेंगे बंद, विंटर वेकेशन पर बड़ा अपडेट

क्रिसमस

जैसे-जैसे साल 2025 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच रहा है, हर तरफ जश्न और खुशियों का माहौल बनता जा रहा है। इसी बीच साल के सबसे बड़े और पसंदीदा त्योहारों में से एक क्रिसमस कल मनाया जाएगा। 25 दिसंबर को पड़ने वाले इस खास मौके पर देश के ज्यादातर राज्यों में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों … Read more

सिदो–कान्हू का योगदान: संथाल हूल के महान नायक और ब्रिटिश विरोधी आंदोलन

सिदो–कान्हू का योगदान

सिदो–कान्हू का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, विशेष रूप से आदिवासी आंदोलनों के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू संथाल जनजाति के ऐसे महान नेता थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन, जमींदारी प्रथा और महाजनी शोषण के विरुद्ध सशक्त जनआंदोलन का नेतृत्व किया। 1855 ई. में शुरू हुआ संथाल हूल आंदोलन आदिवासी चेतना और … Read more

टाना भगत आंदोलन का इतिहास : झारखंड का आदिवासी धार्मिक एवं सामाजिक आंदोलन

टाना भगत आंदोलन

टाना भगत आंदोलन झारखंड के आदिवासी इतिहास का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक आंदोलन था, जिसकी शुरुआत 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में हुई। यह आंदोलन मुख्य रूप से उरांव (कुड़ुख) जनजाति से संबंधित था और इसका नेतृत्व जतराभगत ने किया था। इस आंदोलन का उद्देश्य आदिवासियों को सामाजिक बुराइयों, अंधविश्वासों और ब्रिटिश शासन द्वारा लगाए … Read more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया

प्रेरणा स्थल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया। यह स्थल बसंतकुंज योजना क्षेत्र में लगभग 65 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित है और इसका डिजाइन कमल के आकार का है। इस परियोजना के निर्माण पर लगभग 232 करोड़ रुपये की लागत आई है। लोकार्पण समारोह … Read more

Greater Bangladesh की बहस फिर तेज: सिलीगुड़ी कॉरिडोर, बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल से जुड़ी चिंताएं

भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला सिलीगुड़ी कॉरिडोर एक बार फिर रणनीतिक और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में है। हाल के घटनाक्रमों में बांग्लादेश की आंतरिक परिस्थितियों, सीमा से जुड़े सुरक्षा संकेतों और पश्चिम बंगाल में सामने आए कुछ सामाजिक-राजनीतिक मामलों ने इस बहस को नया आयाम दिया है। … Read more