रोमन साम्राज्य प्राचीन विश्व का सबसे शक्तिशाली और संगठित साम्राज्य था। इसका विस्तार यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बड़े भागों में था। यह साम्राज्य अपनी प्रशासनिक व्यवस्था, कानून, सैन्य शक्ति, वास्तुकला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।

- राजधानी: रोम
- काल: लगभग 27 ईसा पूर्व – 476 ईस्वी (पश्चिमी रोमन साम्राज्य)
रोमन साम्राज्य की उत्पत्ति
रोम की स्थापना की पारंपरिक तिथि 753 ईसा पूर्व मानी जाती है।
शासन की अवस्थाएँ
- रोमन राजतंत्र (753–509 ई.पू.)
- रोमन गणराज्य (509–27 ई.पू.)
- रोमन साम्राज्य (27 ई.पू.–476 ई.)
ऑगस्टस (Octavian) को पहला रोमन सम्राट माना जाता है (27 ई.पू.)।
साम्राज्य का विस्तार
रोमन साम्राज्य अपने चरम पर भूमध्य सागर को “रोमन झील” कहा जाने लगा।
- यूरोप: इटली, स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन
- एशिया: एशिया माइनर (तुर्की)
- अफ्रीका: मिस्र, उत्तरी अफ्रीका
प्रशासनिक व्यवस्था
- सम्राट सर्वोच्च सत्ता
- प्रांतों (Provinces) में विभाजन
- कुशल कर प्रणाली
- रोमन कानून (Roman Law) – आधुनिक कानून की नींव
रोमन सेना
- अनुशासित और संगठित सेना
- लीजन (Legion) मुख्य सैन्य इकाई
- सड़कों और किलों का निर्माण सेना के लिए
समाज और संस्कृति
- समाज वर्गों में विभाजित:
- पैट्रिशियन (उच्च वर्ग)
- प्लेबियन (सामान्य नागरिक)
- दास (Slaves)
- भाषा: लैटिन
- धर्म: प्रारंभ में बहुदेववाद, बाद में ईसाई धर्म
- 313 ई. में कॉन्स्टैनटाइन ने ईसाई धर्म को मान्यता दी
कला और वास्तुकला
- कोलोसियम
- रोमन सड़कें
- जलसेतु
- स्नानागार
रोमन साम्राज्य का पतन
प्रमुख कारण:
- अत्यधिक विस्तार
- आर्थिक संकट
- कमजोर उत्तराधिकारी
- बर्बर आक्रमण (विशेषकर जर्मनिक जनजातियाँ)
- 476 ईस्वी में अंतिम सम्राट रोमुलस ऑगस्टुलस का पतन
- पश्चिमी रोमन साम्राज्य का अंत
- पूर्वी रोमन साम्राज्य (बीजान्टाइन) 1453 ई. तक चला
ऐतिहासिक महत्व
- आधुनिक प्रशासन और कानून की नींव
- यूरोपीय सभ्यता पर गहरा प्रभाव
- भाषा, वास्तुकला और राजनीति में योगदान
मुख्य बिंदु
- पहला सम्राट: ऑगस्टस
- ईसाई धर्म की मान्यता: 313 ई.
- पश्चिमी साम्राज्य का पतन: 476 ई.